अक्सर मुझे ऐसे लोग मिलते हैं जो कहते हैं पंडित जी मेरा फलां दिन का जन्म हुआ है मेरे बारे में कुछ बताइए, मुझे मेरी जन्म तिथि , दिनांक, सन , समय कुछ भी ज्ञात नहीं बस यही दिन पता है। तो ऐसे ही लोगों के लिए ही मैंने यह आर्टिकल लिखा है कि किस दिन को जन्म लेने वाले जातक का क्या स्वभाव , गुण , आदतें आदि होंगी।
रविवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव Sunday
रविवार के दिन जन्म लेने वाले जातक की प्रकृति तेज होती है, इनमे थोड़ी बहुत अहम की भवना होती है, यह दिखावा करना भी पसंद करते हैं, यह अपने पिता के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले होते हैं, अपनी माता से इनकी थोड़ी कम बनती है, यह भाई बहनों के प्रति पिता तुल्य जोम्मेदारी समझते हैं, यह सरकरी नौकरी पाने के लिए प्रयत्नशील होते हैं। वैसे यह स्वतंत्र विचारों के होते हैं इसलिए यह किसी का दबाव बर्दास्त नहीं कर पाते हैं जिससे नौकरी में परेसनी भी बनी रहती है। यह ठेकेदारी से जुड़े कामों में अधिक सफल होते हैं। यह राज सत्ता के करीब रहने वाले और मान-सम्मान प्राप्त करने वाले होते हैं, पर पीठ पीछे इनके कार्यों की बुराई भी होती है, इन्हें आलोचनाओं को सहने की आदत रखनी चाहिए, सफल होने के लिए इन्हें जनता के बिच रहना पड़ता है सायद इसी लिए यह एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी होते हैं। यह परिवार में बहन, बेटी तथा बुआ के लाडले होते हैं, वैसे तो यह किसी से डरते नहीं पर अपनी जीवन साथी से ही कुछ डर महसूस करते हैं और इनको जीवन में अपनी स्त्री को लेकर परेसान भी होना पड़ता है। यह लोगों की अपेक्षा पे खरे उतरने वाले चतुर, दान करने वाले, समूह का नेतृत्व करने वाले आदेशात्मक वाणी बोलने वाले होते है।
इन्हें प्रायः पित्त की बीमारी के रोग लगते है। इन्हें 1, 6 महीने में तथा 13, 23 वें वर्ष में कष्ट होता है तथा पूर्णायु 50 वर्ष व उससे अधिक होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन के स्वामी सूर्य हैं- अतः इन्हें भगवान सूर्य देव के मन्त्रों का जप करना चाहिए तथा भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिये इससे इनके चहुमुखी कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है तथा साथ ही पिता और गुरुजन की सेवा और आज्ञा पालन से उतम सुख मिलता है।
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सोमवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव Monday
सोमवार के दिन जन्म लेने वाले जातक की प्रकृति शांत होती है पर साथ ही इनका मन परिवर्तनशील भी बहुत होता हैं।यह सुख-दुःख दोनों में सामान भाव से रहने वाले और सुन्दर होते हैं। प्रायः इस दिन जन्म लेने वाले स्त्री पुरुष सामान रूप से सौन्दय युक्त होते हैं मेरे अनुभव में मैंने देखा है कि ज्यादातर सुन्दर व्यक्ति का जन्म सोमवार को ही हुआ रहता है। इनिकी वाणी भी प्रायः मीठी होती है और यह अपने बोलने और व्यवहार कुशलता के लिए भी जाने जाते हैं। इनका तकनिकी ज्ञान बहुत उच्च स्तर का होता हैं। यह प्रायः बचपन में सर्दी-कफ से संबंधित बिमारियों से घिरे रहते हैं। वैसे यह अपने घर में बड़े होते ही होते हैं अगर ऐसा नहीं है तो भी यह अपने कर्मों द्वारा बड़े जैसा ही सम्मान पाते हैं। इन्हें फैशन की अच्छी समझ होती है और यह कपड़ों से संबंधित कार्य करना भी पसंद करते है। यह बैंक आदि में भी रूचि रखते हैं और धन कमाने के नए नए तरीको को जानने वाले होते हैं। क्यूँ की इनमे संवेदना अधिक होती है जिससे यह प्यार में जल्दी पड जाते हैं अगर प्यार मिल गया तो अच्छा अगर नहीं मिला तो यह उस प्यार को लेकर दुखी हुआ करते हैं, प्रायः इनको जीवन साथी भी अहम् वाला ही मिलता है जिसकी वजह से वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण रहता है। इन्हें अपने घर को खूबसूरती से सजाकर रखना बहोत पसंद होता है प्रायः खुबसूरत और अच्छी डिजाईन वाले घरों के यह मालिक होते हैं। यह चतुर, बुद्धिमान तथा धैर्यवान होते है। प्रायः यह राजकीय नौकरी करने वाले होते है अर्थात राज्य कर्मचारी होते है।
इन्हें 8,11 वें महीने तथा 16, 27 वें वर्ष में कष्ट होता है तथा पूर्णायु 84 वर्ष की होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन के स्वामी चन्द्रमा होते हैं अतः अपने चहुमुखी कल्याण हेतु इन्हें चन्द्र देवता के मन्त्रों का जप करना चाहिए तथा भगवान शिव की अभिषेक के साथ पूजा करनी चाहिए और साथ ही अपनी माता और माता तुल्य स्त्रियों की सेवा कर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।
मंगलवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव Tuesday
मंगलवार के दिन जन्म लेने वाले जातक की प्रकृति गर्म होती है। यह पराक्रमी, वीर, साहसी एवं संग्राम में विजय प्राप्त करने वाले होते है। इसकी बुद्धि विशेष अच्छी नहीं होती, इसी से यह बौद्धिक कार्यों से अलग रहना पसंद करते है, परन्तु वीरता के कार्यों में आगे बढ़-चढ़ कर भाग लेने वाले होते है। प्रायः यह सांवले रंग के होते हैं पर इनमे आकर्षण शक्ति बहुत गजब की होती है जिसकी वजह से विपरीत लिंगी इनकी तरफ बहुत जल्दी आकर्षित होते हैं । यह लोग अपने शरीर को ही सब कुछ समझते हैं जैसे आज के समय में फ़िल्म अभिनेता, अभिनेत्री, जिम्नास्टिक आदि जो अपने शरीर को ही अपने कर्म का साधन बना लेते हैं, यह लोग रक्षा विभाग, पुलिस, आर्मी, डाक्टरी शल्य चिकित्सा (surgery), खेल -कूद आदि में भी अग्रणी होते हैं। अपनी वाक्पटुता से यह लोगों को सहज ही आकर्षित कर लेते हैं। इनको रक्त संबंधी रिश्तों जैसे- चाचा, बुआ, बहन आदि से विशेष सहयोग प्राप्त होता है। यह दुश्मनी, कर्जा, बीमारी, बदला आदि को ज्यादा महत्त्व देते हैं और इनसे सामना करने हेतु अधिक धन इकठ्ठा करते हैं, जमीनी संपत्ति भी यह लोग खड़ी करते हैं। यह अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हैं। यह स्कूल आदि में पुस्तकों से सिखने के बजाय जीवन में कार्य कर के सिखने में अधिक विश्वास करते हैं । यह जवानी के दिनों में कामुक भी बहुत होते हैं, इनके लिए प्रायः प्यार-मुहब्बत करना अक्सर मुसीबत बन जाता है, यह शंकालु भी बहोत होते हैं, यह अपनी पत्नी का लोगों से ज्यादा मिलना जुलना पसंद नहीं करते, इनमे असुरक्षा की भावना भी अधिक होती है।
इन्हें 2, 32 वें वर्ष में कष्ट होता है तथा पूर्णायु 74 वर्ष की होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन के स्वामी मंगल होते हैं अतः अपने चहुमुखी कल्याण हेतु मंगल देव के मन्त्रों का जप करना चाहिए तथा संकट मोचन हनुमान जी व भगवान कार्तिकेय की पूजा -आराधना इन्हें करनी चाहिए साथ ही अपने छोटे भाई बहनों का उचित मार्गदर्शन, सहयोग व उनकी सुरक्षा करनी चाहिए। उनके उदंडता पे क्रोधित न होकर छमाशीलता अपनाना चाहिए।
बुधवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव Wednesday
बुधवार के दिन जन्म लेने वाले जातक की प्रकृति शांत होती है इनमे स्त्रियोचित गुण भी पाए जाते हैं। यह मीठा और ज्यादा बोलने वाले, ज्योतिषी, पंडित, धनी, बौद्धिक कार्य करने वाले, लेखक, कवि संपादक होते है, इनके पास किसी विषय विशेष के बारे में लिखने की अद्भुत कला होती है, यह अच्छे स्क्रिफ्ट राईटर, एडिटर, संवाद लेखक होते हैं। यह ज्यादा बोलने के साथ ही बिना मागी सलाह देने में ज्यादा आगे रहते हैं। यह लोगों को जल्दी ही अपना मित्र बना लेते हैं और उनसे काम होने के बाद उन्हें भूल भी जाते हैं। यह हर मुद्दे को व्यापारिक दृष्टिकोण से दखने वाले, हमेसा अपना फायदा सोचने वाले, कई भाषाओँ के जानकर होते हैं। यह भौतिक सुख साधनों का अत्यधिक शौक रखने वाले व वाहनादि का प्रदर्शन करने वाले होते हैं। यह बहुत मजाकिया स्वभाव व मनोरंजन में अधिक रूचि रखने वाले होते हैं जिससे इनको जानने वाले अधिक होते है जिनसे यह प्रायः अपना कार्य निकलवाते रहते हैं। यह शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहते हैं, आज के युग में कम्पूटर के अच्छे जानकर, साफ्वेयर, हार्डवेयर, एनिमेसन, डिजाईन, प्रिंट मिडिया, चित्रकारीता में भी अद्भुत गुण भी रखते हैं। कौन सा कार्य किस तरह करना है यह भली प्रकार जानते हैं, यह अच्छे सेल्समैन हो सकते हैं क्यूँ की लोगों को सीसे में उतरना इन्हें अच्छी तरह आता है। इन्हें जनता के बिच कार्य करने में विशेष रूचि होती है । यह जितने नरम स्वभाव के होते हैं उतने ही कठोर भी होते हैं, यह किसी भी बात को लम्बा खीचते हैं तथा नाराज भी जल्दी होते हैं पर इनकी नाराजगी टिकाऊ नहीं होती, इन्हीं कारणों से इनका पारिवारिक जीवन भी प्रभावित होता है। यह प्रायः स्वस्थय होते हैं पर कभी कोई छोटी सी बामारी हुई नहीं की उसे मानसिक रूप ज्यादा सोचकर बड़ा बना लेते हैं। नीरस और बोझिल वातावरण इन्हें पसंद नहीं होता।
इन्हें 8 वे महीने या 8 वें वर्ष में कष्ट होता है तथा पूर्णायु 64 वर्ष होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन के स्वामी बुध होते हैं अतः इन्हें अपने चहुमुखी कल्याण के लिए बुध ग्रह के मन्त्रों का जप करना चाहए तथा भगवती माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना करनी चाहिए साथ ही बहन, बेटी, बुआ को सम्मान देना चाहिए व उन्हें उपहार देकर उन्हें खुश करना चाहिये।
गुरुवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव Thursday
गुरुवार के दिन जन्म लेने वाला जातक शांत प्रकृति का होता है। यह चतुर, विद्वान, राजा का मंत्री या मंत्री का सलाहकार, प्रतिष्ठित नेता, वकील, जज एवं ग्रन्थ-लेखक होता है। यह भगवान को मानाने वाले धार्मिक प्रवित्ति के होते हैं, इनमे ज्ञान की अधिकता होती है, इनकी शिक्षा-दीक्षा कैसी भी हो पर इनमे ज्ञान की कमी नहीं होती पर साथ ही अपने ज्ञान को लेकर इनमे अहम् भी होता है, इनमे तर्क भी भरपूर होता है यह किसी भी बात को शास्त्रोक्त व तर्कपूर्ण ढंग से ही लोगों के सामने रखते हैं, यह एक अच्छे कथाकार, अच्छे सलाहकार साबित होते हैं इनका परामर्श उच्च कोटि का होता है जीससे इनसे परामर्श पाने वाला लाभवन्तित होता है। इनका माथा गोल और चौड़ा होता और शरीर पतला होता है तथा सर के बल जल्दी झड जाते हैं। इन्हें सर्दी बहोत लगती है अर्थात यह शीत से जल्दी प्रभावित होते हैं जिससे यह सर्दी के मौसम में प्रायः कफ जनित बिमारियों से ग्रसित रहते हैं। यह रिश्तों में ससुराल पक्ष से बहोत प्रभावित रहते हैं, ससुराल से इन्हें सहायता भी प्राप्त होती है। यह वैसे तो सात्विक भोजन ही पसंद करते हैं पर अगर संगत का असर हुआ तो यह तामसिक भोजन भी जल्द अपना लेते हैं और नशे की तरफ भी आकर्षित हो जाते हैं मेरे अनुभव के अनुसार इनका अच्छा समय तभी रहता है जब यह सात्विक होते हैं, जैसे ही यह अपने अंदर व्यसन को आने देते हैं इनके सभी कार्य बिगड़ने लगते हैं साथ ही मान-हानि के भी योग उठ खड़े होते हैं।
इन्हें 7 वें महीने में तथा 13 व 16 वें वर्ष में कष्ट होता है तथा पूर्णायु 84 वर्ष की होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन के स्वामी देव गुरु वृहस्पति हैं अतः इन्हें अपने चहुमुखी कल्याण के लिए देवगुरु वृहस्पति के मन्त्रों का जप करना चाहिए तथा भगवन विष्णु की पूजा करनी चाहिए, साथ ही माता-पिता गुरुजनों की सेवा कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
शुक्रवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव Friday
शुक्रवार के दिन जन्म लेने वाले जातक की प्रकृति कुछ गरम होती है। यह देवताओं में कम श्रद्धा रखने वाले, क्रोधी, चंचल चित्त वाले, बुद्धिमान, रूपवान तथा खेल में मस्त रहने वाले सौन्दय प्रेमी होते है। इसकी बोलने की शक्ति अच्छी होती है जिससे समाज में आदर प्राप्त करते है। यह स्वदिष्ट भोजन के शौक़ीन होते हैं तथा इनको भूख बहोत लगती है लेकिन शरीर सामान्य ही रहता है, यह छरहरे और लंबे होते हैं, इनकी दृष्टि अच्छी होती है पर आगे चलकर आँखों से संबंधित परेशानी आती है। इनमे कला के सभी गुण भरे होते है, आज के समय में सिनेमा जगत में यह यह अभिनेता/अभिनेत्री हो सकते हैं, इनमे सौन्दर्य का बोध बहुत अधिक होता है, यह मनोरंजन के सौखीन होते हैं तथा रचनात्मक कार्य खुद करना और दूसरों को उसकी शिक्षा देना भी यह भली भांति जानते हैं जिस कारण यह नृत्यकला, ड्रामा, रंगमच, गायन के क्षेत्र में कार्य करने में उत्सुक रहते हैं, यह अपने जीवन में स्वयं के पराक्रम से धन-दौलत, घर, वाहन आदि बनाते हैं, यह अपने वाहन को खूब सजा-संवार कर रखते हैं और उसे चलाने के भी शौक़ीन होते हैं। यह मातृभक्त होते हैं और अपनी माँ की सेवा भी बहुत करते हैं, इनमे अहम् भी बहोत होता है, यह किसी पे कोई उपकार करें तो उसे बार बार याद भी दिलाते रहते हैं। इनका तकनिकी ज्ञान बहोत अच्छे स्तर का होता है, यह किसी भी चीज को बहुत बारीकी से समझते हैं जीससे यह उसी कार्य द्वारा अपनी जीविका बना लेते हैं। इनको पत्नी प्रायः धार्मिक स्वभाव वाली मिलती है जो अपने कुल की परंपरा का निर्वहन कर के जातक को अपने परिवार और समाज में उच्च दर्जा दिलाने में सहायक बनती है।
इनकी पूर्णायु 60 वर्ष की होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन के स्वमी दैत्य गुरु शुक्राचार्य हैं अतः इन्हें अपने चहुमुखी कल्याण के लिए शास्त्र के अनुसार इस दिन के स्वमी दैत्य गुरु शुक्राचार्य हैं अतः इन्हें अपने चहुमुखी कल्याण के लिए शुक्र देव के मन्त्रों का जप करना चाहिए तथा भगवान विष्णु और माता दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। साथ ही पत्नी का सम्मान करना चाहिए इनके जीवन में पत्नी के भाग्य से ही सफलता और धन-धान्य होता है अतः पत्नी से सदा सम्बन्ध मधुर रखने में ही इनका कल्याण निहित होता है।
शनिवार के दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव Saturday
शनिवार के दिन जन्म लेने वाला जातक तेज प्रकृति का होता है। यह दृढ-प्रतिज्ञ, कामी एवं साहसी होता है। शरीर की स्थिति विशेष अच्छी नहीं होती फिर भी इसका पराक्रम सराहनीय होता है, इनके बाल लंबे और खुबसूरत होते हैं। यह अपने आप में मस्त रहने वाला होता है, इनके जीवन में जब चुनौतियाँ आती है यह तब उसे पूर्ण हल करने हेतु अपने आप को तैयार करते हैं और पूर्ण होते ही फिर अपनी दुनियां में मस्त हो जाते हैं। यह स्वभाव से कंजूस होते हैं खर्चा करना इन्हें पसंद नहीं होता, सिर्फ यह खर्चा न हो इसके लिए जीवन के कई सुख से वंचित रह जाते हैं, यह तर्क बहुत करते हैं प्रायः अच्छी चीज को बुरा और बुरी चीज को अच्छा बताते हैं। यह अपने जन्म स्थान को छोड़कर कहीं दूर जाना नहीं चाहते जिससे इन्हें कैरिअर बनाने में मुश्किलें आती हैं। यह अपनी भावनाओं को लोगों के सामने नहीं रख पाते इस लिए लोग इन्हें रुखा या खडूस आदि की संज्ञा देते हैं, यह शारिरिक मेहनत के कार्य करना ज्यादा पसंद करते हैं इन्हें दिमाकी काम करना कम भाता है। यह स्वभाव से न्यायप्रिय होते हैं। इनकी पत्नी को इनसे हमेशा सिकायत रहती है, यह यह प्रेम के मानले में सामान्य बने रहते हैं, रिश्तों की गर्माहट व्यक्त नहीं करते, कम बोलना पसंद करते हैं, अगर इनका जन्म रात्रि में हुआ है तो इस तरह का व्यवहार ही अधिक दर्शाते हैं। प्रायः इनको कन्या संतति अधिक होती है। इनको जबतक पिता का सुख होता है तो यह भी सुखी होते हैं, पिता की मृत्यु के पश्च्यात इनको दुःख मिलता है, अपने कमाई से अगर यह घर बनाते हैं तो इन्हें उस घर में सुख मुश्किल से ही मिल पाता है ।
इन्हें 1 महीन में तथा 13 वें वर्ष में कष्ट होता है तथा पूर्णायु 100 वर्ष की होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन के स्वामी शनि देव होते हैं अतः इन्हें अपने चहुमुखी कल्याण के लिए शनि देव के मन्त्रों का जप करना चाहिए तथा भैरव व माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए साथ ही अपने अधिनस्त कर्मचारियों को सम्मान देना चाहिये, गरीब और असहाय लोगों की यथा संभव मदत करनी चाहिए जिससे इन्हें जीवन में उत्तम सुख की प्राप्ति होती है।
विशेष नोट- यह फलादेश दिवश के गुण-धर्म के अनुसार सामान्य रूप से लिखा गया है, जातक की कुंडली में स्थित ग्रहों के बलाबल, उसके पारिवारिक परिवेश के अधार पे इन फलों में न्यूनाधिकता हो सकती है। यह लेख उन जातकों के लिए लाभकारी हो सकता है जिन्हें अपनी जन्म तारीख व समय न पता हो सिर्फ जन्म का दिवश ही पता हो। कृपया यह पोस्ट आप को कैसी लगी अपना बहुमूल्य विचार कमेन्ट में जरुर लिखें ।